भारत के सर्वाधिक गरीब लोगों की स्थिति को सुधारने के अपने संकल्प को देखते हुए हम खास तौर पर दो राज्यों बिहार और उत्तर प्रदेश में निवेश कर रहे हैं। 300 मिलियन से ज्यादा की आबादी और बीमारियों के भारी बोझ वाले इन दोनों राज्यों की जरूरतें अपेक्षाकृत बहुत अधिक हैं जिनको पूरा करने के लिए इन राज्यों की सरकारें अपने साझेदारों के साथ कार्यरत हैं।

बिहार

भारत के सबसे सघन आबादी वाले इस राज्य ने हाल के वर्षों में तेज आर्थिक विकास किया है। लेकिन यह आज भी देश के सर्वाधिक गरीब राज्यों में बना हुआ है और इसकी चुनौतियां भी बहुत गंभीर हैं। इनमें 10.4 करोड़ लोगों की स्वास्थ्य जरूरतें भी शामिल हैं। राज्य की 90 फीसदी आबादी ग्रामीण इलाकों में रहती है।

राज्य के नेतृत्वकर्ता इन जरूरतों को पूरा करने के लिए समर्पित हैं। महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर करने पर इनका विशेष ध्यान है। वर्ष 2010 में हमने राज्य सरकार के साथ ‘अनन्या’ नाम से साझेदारी शुरू की जिसमें विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर निजी क्षेत्र और सामुदायिक संगठनों के साथ भी काम किया जाता है। इनमें परिवार नियोजन, पोषण, बाल्य टीकाकरण, स्वच्छता और संक्रामक रोक नियंत्रण आदि शामिल हैं। यह साझेदारी हाल में पांच साल के लिए और बढ़ाई गई है।

अनन्या के लक्ष्य प्रमुख स्वास्थ्य पैमानों पर राज्य सरकार के लक्ष्यों के साथ मेल खाते हैं। ऐसे में यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वास्थ्य लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करता है। इस तरह भारत के सहस्त्राब्दि विकास लक्ष्य (एमडीजी) की ओर आगे बढ़ने में मदद करता है।

अनन्या बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था में चार मुख्य पहलुओं पर केंद्रित है:

  • सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के कौशल और ज्ञान का विकास
  • प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूती प्रदान कर महिलाओं और बच्चों की सेवा की उपलब्धता
  • निजी क्लीनिक और अस्पतालों की ओर से उपलब्ध करवाई जा रही सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार
  • महिला स्वयं सहायता समूहों और सामुदायिक संगठनों को बेहतर स्वास्थ्य संबंधी व्यवहार को अपनाने के लिए प्रोत्साहन

यह कार्यक्रम स्वास्थ्य क्षेत्र में कड़ी निगरानी और बेहतर आकलन के प्रयासों का भी सहयोग करता है। गर्भनिरोधकों के उपयोग और बच्चों को सिर्फ स्तनपान करवाने के लिहाज से हुई प्रगति के आकलन के लिए साल में दो बार सर्वे करवाता है और इसके नतीजों का इस्तेमाल अच्छे उदाहरणों की पहचान करने और बेहतर रणनीति बनाने में करता है।

अनन्या बिहार के आठ पायलट जिलों से आगे बढ़ कर अब सभी 38 जिलों तक पहुंच गई है। आखिरकार बिहार में अपनाए गए कामयाब तरीके देश के दूसरे हिस्सों को भी एक बेहतर मॉडल उपलब्ध करवा सकते हैं।

उत्तर प्रदेश

बिहार में जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य को बेहतर करने की हमारी साझेदारी की शुरुआत के दो साल बाद वर्ष 2012 में हमने ऐसा ही कार्यक्रम उत्तर प्रदेश में भी शुरू किया, जहां मातृत्व मृत्यु दर (एमएमआर) राष्ट्रीय औसत से 50 प्रतिशत ज्यादा है। राज्य की स्थिति बाल मृत्यु, रोग के बोझ, कुपोषण, टीकाकरण दर और परिवार नियोजन तक पहुंच आदि मामलों में भी बहुत खराब है।

उत्तर प्रदेश में हमारा लक्ष्य उन जगहों पर माताओं तक पहुंचना है जहां सार्वजनिक या निजी क्षेत्र के सेवा प्रदाता की मदद से पहले से ही स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध है। हम सरकार और गैर सरकारी साझेदारों के साथ मिल कर उन सुविधाओं और सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को बेहतर करने का प्रयास करते हैं। साथ ही हमारे प्रयासों में उन पहलुओं को बढ़ावा देना भी शामिल है जिनका लाभ प्रमाणित है। इसी तरह हम स्वास्थ्य प्रबंधन और निगरानी को बेहतर करने तथा प्राथमिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में निजी क्षेत्र को विस्तार देने के उपाय भी करते हैं। सार्वजनिक स्वास्थ्य की निगरानी और मूल्यांकण का तंत्र भी विकसित करने के लिए हम कार्यरत हैं ताकि स्वास्थ्य सेवा को बेहतर किया जा सके।